फतेहपुर (सं.भा.) फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील में जमीन के सौदे के नाम पर कथित धोखाधड़ी और फर्जी रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि इकरारनामा कराने के बहाने उसे तहसील बुलाकर नशीला पदार्थ खिलाया गया और बेहोशी की हालत में उसकी जमीन का बैनामा करा लिया गया। मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस और राजस्व विभाग से न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, औग थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी दीपक सिंह की गाटा संख्या 78 में पैतृक भूमि है। पीड़ित के मुताबिक बकेवर बुजुर्ग निवासी धीरेंद्र कुमार और सत्येंद्र मिश्रा से उसकी 10 बिस्वा जमीन का सौदा 20 लाख रुपये में तय हुआ था। समझौते के तहत पहले 5 लाख रुपये बयाना देकर इकरारनामा किया जाना था, जबकि शेष रकम बाद में देने की बात हुई थी।
पीड़ित का आरोप है कि 31 मार्च 2026 को विपक्षियों ने साजिश के तहत उसे तहसील बुलाया और नशीला पदार्थ खिला दिया। आरोप है कि बेहोशी की हालत में पहले से तैयार दस्तावेजों पर उससे हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगवा लिए गए। दीपक सिंह को लगा कि इकरारनामा हो रहा है, लेकिन बाद में पता चला कि उसकी पूरी जमीन का विक्रय पत्र आरोपियों के नाम दर्ज करा लिया गया।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 7 मई को आरोपी कथित रूप से जमीन पर कब्जा करने पहुंचे और विरोध करने पर बैनामे के दस्तावेज दिखाए। इसके बाद पीड़ित ने थानाध्यक्ष औग को तहरीर देकर धीरेंद्र कुमार, सत्येंद्र मिश्रा, देवेंद्र सिंह और हिमांशु दीक्षित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। किसान का आरोप है कि उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं और उसकी जमीन को कूटरचित तरीके से हड़पने का प्रयास किया गया है।
वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और वकीलों की मिलीभगत की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों और दस्तावेज तैयार कराने वालों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठाई है। फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।
जमीन सौदे में धोखाधड़ी का मामला, इकरारनामे की जगह करा लिया बैनामा
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