वाराणसी (सं.भा): उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव लागू किया गया है, जहां पाइपलाइन गैस (पीएनजी) की सुविधा शुरू होते ही अब एलपीजी कनेक्शन पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि एक ही घर में दो तरह के गैस कनेक्शन रखना नियमों के खिलाफ है, जिसके चलते जिले के 9330 घरों को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा और इसके लिए तीन महीने का समय तय किया गया है।
प्रशासन के अनुसार जिन इलाकों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के तहत पीएनजी आपूर्ति शुरू हो चुकी है, वहां एलपीजी सिलिंडर का उपयोग अब मान्य नहीं होगा। नियमों में बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को केवल एक ही गैस विकल्प रखने की अनुमति है, ऐसे में पीएनजी सुविधा मिलने पर एलपीजी कनेक्शन छोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है।
जिले में तेजी से पीएनजी नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है और बड़ी संख्या में घरों को इससे जोड़ा जा चुका है, जिससे गैस आपूर्ति अधिक सुगम और नियमित हो रही है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से सिलिंडर पर निर्भरता कम होगी और गैस की किल्लत की समस्या में भी राहत मिलेगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन घरों में पीएनजी चालू है, वहां एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग या रिफिलिंग नहीं की जाएगी। यदि कोई उपभोक्ता नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई संभव है।
डीएलडब्ल्यू, बीएचयू क्षेत्र, सुंदरपुर, शिवपुर, पांडेयपुर और सारनाथ समेत कई इलाकों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं का डेटा मिलान कर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। इस फैसले से गैस आपूर्ति प्रणाली को व्यवस्थित करने के साथ-साथ एलपीजी सिलिंडरों की उपलब्धता में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
वाराणसी में ‘एक घर–एक गैस’ नियम लागू, 9330 एलपीजी कनेक्शन होंगे बंद
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